शब्दकोश, थिसारस तथा ज्ञानकोश देखने की विधि और इनमें अंतर
आप कुछ पढ़ रहे हैं और कोई नया शब्द आपने पढ़ा जिसका अर्थ आपको पता नहीं है तो आप अपने पास उपलब्ध शब्दकोश में उसका अर्थ देखकर लिखे हुए को समझ सकते हैं। शब्दकोश की सहायता से आप किसी भी शब्द का अर्थ जान सकते हैं। लेकिन यदि आप कुछ लिख रहे हैं और अपने विचार को अभिव्यक्त करने के लिए किसी सटीक शब्द की तलाश में हैं तो शब्दकोश आपकी मदद नहीं कर पाएगा। ऐसे में आपको थिसारस की शरण में जाना होगा। थिसारस के लिए शब्द विज्ञानी अरविंद कुमार जी ने हिंदी में ‘समांतर कोश’ नाम दिया है।
समांतर कोश शब्दकोश के ही समान संदर्भ पुस्तक को कहा जाता है जिसमें शब्दों के अर्थ व उच्चारण के बजाय उसके समानार्थक तथा विलोम शब्दों व उनके प्रयोग पर जोर दिया जाता है। शब्दकोश की भांति समांतर कोश में शब्दों को परिभाषित नहीं किया जाता है बल्कि समान शब्दों में भेद स्पष्ट कर सटीक शब्द के चुनाव को आसान बनाया जाना इसका ध्येय होता है। इस प्रकार समांतर कोश को शब्दसूची नहीं समझा जाना चाहिए।
हिंदी का पहला समांतर कोश बनाने का श्रेय अरविंद कुमार जी एवं उनकी पत्नी कुसुम कुमार जी को दिया जाता है। इसके दो खण्ड हैं। पहला ‘अनुक्रम खण्ड’ और दूसरा ‘संदर्भ खण्ड’। अनुक्रम खण्ड में आपको शब्दकोश की भांति वर्णानुक्रम में अपना अभीष्ट शब्द देखना होगा तथा उस शब्द के समांतर अन्य शब्द का क्रमांक इसी पहले खण्ड में मिलेगा। उदाहरण के लिए आप कोई कविता या कहानी लिख रहे हैं। आपको कहीं पर ‘ओखा’ शब्द लिखना पड़ रहा है। लेकिन आप इस शब्द से संतुष्ट नहीं हैं और इसकी जगह कोई अन्य समानार्थी शब्द चाहते हैं। तब आप पहले अनुक्रम खण्ड में देखेंगे। इसमें यह ‘ओखा/ओखी’ लिखा मिलेगा। इसके ठीक नीचे -छिद्रिल- 291.31 लिखा होगा। यदि आपका काम ‘छिद्रिल’ से चल जाता है तो यहीं आपकी समस्या का समाधान हो गया। लेकिन आप ‘छिद्रिल’ से भी संतुष्ट नहीं हैं तो फिर आप समांतर कोश के ‘संदर्भ खण्ड’ को खोलेंगे। ‘संदर्भ खण्ड’ संख्या क्रम में है।
अब आप संख्या क्रम 291.31 में देखेंगे। इसमें ‘छिद्रिल’ मूल प्रविष्टि दिखेगी।
इसके आगे- ओखा/ओखी, खखरा/खखरी, खाँखर, छलनीदार, छिदरा/छिदरी, छिदा/छिदी, छिद्रयुक्त, छेदित, छेदीला/छेदीली, जजंरीक, जालीदार, झंझरा, झंझरीदार, झनैना/झनैनी, झांझर, झिरझिरी, झिलमिल, झिल्लड़, झीना/झीनी, धोतर, रंध्रिल, रंध्री, रिसता/रिसती, शुषिर, सुराखदार, स्रावशील, स्रावी आदि हैं। अब आपको मन वांछित पर्यायवाची जो भी ठीक लगे, उसे लिख सकते हैं। इस प्रकार क्रमांक से संदर्भ खण्ड में वांछित शब्द के समांतर शब्दों को देखा जाता है। अरविंद कुमार जी लिखते हैं कि शिव के ही 2,519 पर्याय शब्द इसमें दिए गए हैं। समांतर कोश में 988 शीर्षक हैं तथा 25,562 उपशीर्षकों के 2,90,477 अभिव्यक्तियाँ दी गई हैं।
इस प्रकार एक शब्द के समान अर्थ वाले शब्दों को थिसारस (समांतर कोश) में समाहित किया जाता है। जैसे- मीठा स्वाद सं- गुड़ जैसा स्वाद, चीनी जैसा स्वाद, मधु जैसा स्वाद, मधुराई, मधुरिमा, माधुरी, माधुर्य, मिठास, मीठापन, रसालता, सरसता, ॰ईख रस ॰केरेमल ॰खौड़ ॰गुड़ ॰चाशनी ॰चीनी ॰बूरा ॰मिसरी ॰शक्कर ॰शर्वफरा ॰शहद ॰शीरा ॰स्वीटनर आदि। थिसारस हिंदी भाषा में नब्बे के दशक में सामने आया है। इस प्रकार के काम क्षेत्रीय भाषाओं में भी हो सकते हैं।
शब्दकोश और ज्ञानकोश में अंतर
जिस प्रकार ‘शब्दकोश’ में शब्दों के अर्थ दिए होते हैं उसी प्रकार ‘ज्ञानकोश’ में मानव द्वारा संचित ज्ञान को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया जाता है। हालांकि शब्दकोश भी एक ज्ञानकोश ही होता है। शब्दकोश में किसी शब्द का सूक्ष्म अर्थ दिया होता है लेकिन ज्ञानकोश ऐसा ग्रंथ होता है जिसमें जानकारी या विमर्श के लिए कुछ विशिष्ट प्रसंगों की बातें देखी जाती हैं। ज्ञानकोश कई प्रकार के होते हैं। ज्ञानकोश का सबसे विशद रूप ‘विश्व ज्ञानकोश’ है। इसमें मानव द्वारा संचित हर प्रकार की जानकारी और सूचना का संक्षिप्त संकलन होता है।
हम ज्ञानकोश को संदर्भ ग्रंथ भी बोल सकते हैं। संदर्भ ग्रंथों के अन्य महत्वपूर्ण प्रकार ‘साहित्य कोश’ और ‘चरित कोश’ होते हैं। ‘साहित्य कोश’ में साहित्यिक विषयों से सम्बन्धित जानकारियाँ संकलित होती हैं। ‘चरित कोश’ में साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, खेल, अर्थशास्त्र, राजनीति आदि क्षेत्रों के महान व्यक्तियों के व्यक्तित्व और कृतित्व के बारे में जानकारी संकलित होती है।
ज्ञानकोश गागर में सागर समान होते हैं। जब भी किसी विषय पर तुरंत जानकारी की आवश्यकता होती है, संदर्भ ग्रंथ या ज्ञानकोश हमारे काम आते हैं। ज्ञानकोशों में जानकारियों का सिलसिलेवार संकलन ‘शब्दकोश’ के नियमों के अनुसार ही होता है। आज के समय में सबसे बड़ा ज्ञानकोश ‘गूगल सर्च इंजन’ है। हालांकि इन सूचनाओं को प्रामाणिक मानने में अपने विवेक का इस्तेमाल करना पड़ता है। विकिपीडिया गूगल में सबसे बड़े ज्ञानकोशों में एक है। सर्व प्रथम विकिपीडिया अंग्रेजी में जनवरी, 2001 में आरंभ हुआ। हिंदी में विकिपीडिया जुलाई, 2003 से शुरू हुआ। इसमें दुनिया की लगभग 309 भाषाओं में सूचनाएँ संकलित हैं। इनका स्रोत कोई भी हो सकता है। प्रयोक्ता इसमें अपनी सूचनाओं को अपडेट कर सकता है। यह एक मुक्त ज्ञानकोश है।
-रमाकान्त बेंजवाल
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